DDL Exam

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अगस्त की शुरुवात महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ :-

महत्वपूर्ण कर्रेंट्स अफेयर्स [अगस्त 01]

अंतर्राष्ट्रीय दासता विरोधी संगठन, “वॉक फ्री (Walk Free) द्वारा दासता के संदर्भ में प्रकाशित रिपोर्ट, में भारत की स्थिति ::


§  रिपोर्ट के अनुसार, भारत द्वारा समन्वय के संदर्भ में सबसे खराब प्रदर्शन किया गया है। वर्तमान दासता की स्थिति से निपटने के लिये भारत के पास कोई राष्ट्रीय समन्वय निकाय (National Coordinating Body) या फिर कोई राष्ट्रीय कार्य योजना (National Action Plan) नहीं है।

§  भारत में विश्व की बाल वधुओं का कुल संख्या का एक तिहाई हिस्सा मौजूद है।

§  भारत द्वारा एशिया के अन्य सभी राष्ट्रमंडल देशों की तरहअंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के 2011 के घरेलू कामगारों पर कन्वेंशन या 2014 के फोर्सड लेबर प्रोटोकॉल’ (Forced Labour Protocol) की पुष्टि नहीं की गई है।

o    वर्ष 2014 का  ‘फोर्सड लेबर प्रोटोकॉल’ (Forced Labour Protocol) राज्य सरकारों को इस बात के लिये बाध्य करता है कि वे मुआवज़े सहित, बलात् श्रम से पीड़ितों को सुरक्षा और उचित श्रम प्रदान करने के लिए बाध्य करें।

o    यह प्रोटोकॉल राज्य को एक राष्ट्रीय नीति विकसित करने एवं जबरन या अनिवार्य श्रम के प्रभावी तथा निरंतर दमन के लिये कार्य योजना तैयार करने के लिये भी बाध्य करता है।

भारत द्वारा इस दिशा में किये गए संवैधानिक प्रावधान ::

अनुच्छेद-21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से संबंधित है।

अनुच्छेद-23 बलात् श्रम पर प्रतिबंध लगाता है।

अनुच्छेद-24 कारखानों, आदि में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कार्य करने से प्रतिबंधित करता है।

अनुच्छेद-39 राज्य को श्रमिकों, पुरुषों तथा महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सामर्थ्य को सुरक्षित करने के लिये निर्देशित करता है।  

अनुच्छेद-42 राज्य को निर्देश देता है कि वह काम की उचित और मानवीय स्थितियों को सुरक्षित रखने एवं मातृत्व राहत के लिये प्रावधान करे।

कानूनी प्रावधान:

§  भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code- IPC) के विभिन्न खंड जैसे 366A, 366B, 370 और 374.

§  भारतीय दंड संहिता की धारा 370 और 370A मानव तस्करी के खतरे का मुकाबला करने के लिये व्यापक उपाय प्रदान करती है जिसमें बच्चों का किसी भी रूप में शारीरिक शोषण, यौन शोषण, दासता या जबरन अंगों के व्यापार सहित किसी भी रूप में शोषण के लिये तस्करी शामिल है।

§  किशोर न्याय अधिनियम, 2015, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, 2000, अनैतिक यातायात अधिनियम, बाल श्रम अधिनियम 1956, बंधुआ मजदूरी (उन्मूलन) अधिनियम 1976, इत्यादि का उद्देश्य दासता के विभिन्न स्वरूपों को समाप्त करना है।

:: आधुनिक दासता क्या है ::

आधुनिक दासता शोषण की उन स्थितियों को संदर्भित करती है जिसमे कोई व्यक्ति धमकी, हिंसा, जबरदस्ती एवं बलपूर्वक  या धोखे के दुरुपयोग से बच नहीं पाता है।

 

क्या था भारत, नेपाल और यूनाइटेड किंगडम के बीच वर्ष 1947 का समझौता ::

भारत, नेपाल और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए वर्ष 1947 के समझौते के अनुसार, भारत और ब्रिटेन अपने देश की सेना में गोरखाओं लोगों की भर्ती कर सकते हैं।, “जो की अब निष्क्रिय हो गया है”


ब्रिटिश सेना में पहली बार गोरखाओं की भर्ती:

§  आंग्ल-नेपाल युद्ध’ (वर्ष 1814-16) जिसे गोरखा युद्धभी कहा जाता है, के दौरान जब अंग्रेज सेना को अधिक क्षति हुई थी तब ब्रिटिश ईस्ट इंडिया ने पहली बार अपनी सेना में गोरखाओं को भर्ती किया था। यह युद्ध वर्ष 1816 की सुगौली की संधि पर हस्ताक्षर के साथ समाप्त हुआ था। 

भारतीय सेना में कार्यरत गोरखा सैनिक:

§  उल्लेखनीय है कि नेपाल के गोरखा सैनिक छह दशकों से भारतीय सेना का अभिन्न अंग रहे हैं और वर्तमान में 7 गोरखा रेजिमेंट में कुल 39 बटालियन कार्यरत हैं। 

 

ADB ने कोविड-19 के प्रतिरोध के लिए भारत को 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान किया मंजूर : :

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने इस 29 जुलाई को यह घोषणा की है कि, उसने अपने एशिया पैसिफिक डिजास्टर रेस्पोंड फंड से भारत को 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर अनुदान प्रदान करने की मंजूरी दी है. बैंक ने कोविड-19 महामारी के लिए भारत की आपातकालीन प्रतिक्रिया का समर्थन करने के लिए यह अनुदान प्रदान किया है.


ADB के एक बयान के अनुसार, यह नया अनुदान भारत सरकार को अपनी कोविड-19 प्रतिक्रिया को मजबूत करने में ADB के मौजूदा समर्थन का पूरक है.

बहुपक्षीय फ़ंडिंग एजेंसी मौजूदा महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में इसका समर्थन कर रही है. इस फंड का उपयोग भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक कुशल बनाकर, इसे मजबूत बनाने के लिए किया गया है.

इस अनुदान का महत्व ::

जापानी सरकार द्वारा जो अनुदान दिया गया है, उसका उपयोग आवश्यक थर्मल स्कैनर सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा, जिससे भारत की कोविड-19 प्रतिरोध क्षमता मजबूत बनेगी.

एशियाई विकास बैंक के अनुसार, इस अनुदान की सहायता से भारत को अपनी रोग निगरानी क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे कोविड - 19 की प्रारंभिक पहचान, उपचार और संपर्क ट्रेसिंग में भी मदद मिलेगी. इसे अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों से और ज्यादा बल मिलेगा.

कोविड -19 के लिए इससे पहले प्राप्त  ADB का समर्थन ::

इस 28 अप्रैल, 2020 को, एशियाई विकास बैंक (ADB) ने अपने महामारी प्रतिक्रिया प्रयासों में भारत का समर्थन करने के लिए 1.5 बिलियन अमेरीकी डॉलर कोविड-19 सक्रिय प्रतिक्रिया और व्यय सहायता (CARES) कार्यक्रम को मंजूरी दी थी. इसमें बीमारी की रोकथाम और बचाव के साथ गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों, विशेषकर महिलाओं और वंचित समूहों के लिए, सामाजिक सुरक्षा के उपाय भी शामिल थे.


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